उनसे मैं शिकायात न लिखने पाऊँ!

शुक्र ही शुक्र लिखे जाऊँ मैं उनके हक़ में,
कभी उनसे मैं शिकायात न लिखने पाऊँ|

राजेश रेड्डी

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