बैठे हैं छुप के कहाँ ख़ुदा जाने!

हुआ है हुक्म कि ‘कैफ़ी’ को संगसार करो,
मसीह बैठे हैं छुप के कहाँ ख़ुदा जाने|

कैफ़ी आज़मी

1 Comment

Leave a Reply