इसे छोड़ न जाओ इंशा-जी!

ये किसने कहा तुम कूच करो बातें न बनाओ इंशा-जी,
ये शहर तुम्हारा अपना है इसे छोड़ न जाओ इंशा-जी|
(Tribute to Ibne Insha)

क़तील शिफ़ाई

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