तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा!

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा,
इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा|

साहिर लुधियानवी

Leave a Reply