ये ख़्वाब न देखे हैं न दिखलाए हैं!

प्यास बुनियाद है जीने की बुझा लें कैसे,
हमने ये ख़्वाब न देखे हैं न दिखलाए हैं|

राही मासूम रज़ा

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