हर दर्द मिरा छीन लिया है मुझसे!

हाए उस वक़्त को कोसूँ कि दुआ दूँ यारो,
जिसने हर दर्द मिरा छीन लिया है मुझसे|

जाँ निसार अख़्तर

Leave a Reply