आँख बच्ची की पनीली है!

आज अदम गोंडवी जी की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| ठेठ देहाती अंदाज़ में आम जनता के जीवन की सच्चाइयों को अदम गोंडवी जी ने बड़े सलीके के साथ बेबाक़ी के साथ अभिव्यक्त किया है| लीजिए आज अदम गोंडवी जी की इस ग़ज़ल का आनंद लीजिए- घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली … Read more

उसी के दम से रौनक आपके बंगले में आई है!

आज जनकवि अदम गोंडवी जी की दो कविताएं बिना किसी भूमिका के प्रस्तुत कर रहा हूँ। गज़ल के छंद में उनकी रचनाएं हिंदुस्तान के आम आदमी की परिस्थितियों को, उसकी भावनाओं को अभिव्यक्ति देती थीं। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक गांव में रहने वाले गोंडवी जी शहर की तड़क-भड़क से दूर रहे और … Read more

%d bloggers like this: