ख़ुदाई नहीं जाने वाली!

तू परेशां है, तू परेशान न हो,
इन ख़ुदाओं की ख़ुदाई नहीं जाने वाली|

दुष्यंत कुमार

हर लाश चलनी चाहिए!

हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में,
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए|

दुष्यंत कुमार