ये दुनिया सौ रंग दिखाती है!

हर रंग में ये दुनिया सौ रंग दिखाती है,
रोकर कभी हंसती है हंसकर कभी गाती है,
ये प्यार की बाहें हैं या मौत की अंगडाई|

अली सरदार जाफ़री