सोग होता है त्योहार सा!

बात क्या है कि मशहूर लोगों के घर,
मौत का सोग होता है त्योहार सा|

बशीर बद्र

कोई होता गुनहगार सा!

मैं फरिश्तों की सुहबत के लायक नहीं,
हमसफ़र कोई होता गुनहगार सा|

बशीर बद्र

बैठा रहूँ मैं गिरफ्तार सा!

खूबसूरत सी पैरों में ज़ंजीर हो,
घर में बैठा रहूँ मैं गिरफ्तार सा|

बशीर बद्र

चमकने लगा है रुख ए यार सा!

अपना रंगे ग़ज़ल उसके रुखसार सा,
दिल चमकने लगा है रुख ए यार सा|

बशीर बद्र

साथ निभना है दुश्वार सा!

इस तरह साथ निभना है दुश्वार सा,
तू भी तलवार सा मैं भी तलवार सा|

बशीर बद्र

कोई बात हमारी न आएगी!

पहचान हमने अपनी मिटाई है इस तरह,
बच्चों में कोई बात हमारी न आएगी|

बशीर बद्र

ज़मीन लेके हवाओं के साथ जा!

सर पर ज़मीन लेके हवाओं के साथ जा,
आहिस्ता चलने वाले की बारी न आएगी|

बशीर बद्र

शक्ल हमारी न आएगी!

तहरीरों गुफ़्तगू में किसे ढूँढ़ते हैं लोग,
तस्वीर में भी शक्ल हमारी न आएगी|

बशीर बद्र