रेशम-ओ-किम्ख्वाब लगे!

एक चुपचाप सी लड़की, न कहानी न ग़ज़ल,
याद जो आये कभी रेशम-ओ-किम्ख्वाब लगे|

निदा फ़ाज़ली

मोरनी नाचना छोड़ दे!

तेरी आँखों से कलियां खिलीं, तेरे आँचल से बादल उड़े,
देख ले जो तेरी चाल को, मोरनी नाचना छोड़ दे|

हसन काज़मी