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तुझे मेरे गीत बुलाते हैं!

हिन्दी फिल्मों के अनूठे गीतकार पंडित भारत व्यास जी का गीत आज शेयर कर रहा हूँ| भारत व्यास जी ने बहुत सुंदर गीत फिल्मों को दिए हैं, जैसे ‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम’, ‘जीवन में पिया तेरा साथ रहे’, ‘बड़े प्यार से मिलना सबसे, दुनिया में इंसान रे’, ‘जरा सामने तो आओ छलिए’ आदि-आदि|

आज का यह गीत मेरे प्रिय गायक मुकेश जी ने गाकर अमर कर दिया है| यह गीत फिल्म- संगीत सम्राट तानसेन के लिए भारत व्यास जी ने लिखा और 1957 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘रानी रूपमती’ के लिए एस एन त्रिपाठी जी के संगीत निर्देशन में मुकेश जी ने इसे गाया है|

आइए इस गीत का आनंद लेते हैं-

 

 

 

आ लौट के आजा मेरे मीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं,
मेरा सूना पड़ा रे संगीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं|

 

बरसे गगन मेरे बरसे नयन, देखो तरसे है मन अब तो आजा
शीतल पवन ये लगाए अगन,
ओ सजन अब तो मुखड़ा दिखा जा|
तूने भली रे निभाई प्रीत
तूने भली रे निभाई प्रीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं|
आ लौट…

 

एक पल है हँसना एक पल है रोना। कैसा है जीवन का खेला
एक पल है मिलना एक पल बिछड़ना
दुनिया है दो दिन का मेला|
ये घड़ी न जाए बीत
ये घड़ी न जाए बीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं|
आ लौट…

 

 

आज के लिए इतना ही|
नमस्कार|

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