हर मय-कश का दिल टूट गया!

साक़ी के हाथ से मस्ती में जब कोई साग़र छूट गया,
मय-ख़ाने में ये महसूस हुआ हर मय-कश का दिल टूट गया|

शमीम जयपुरी

पागल दिल का मचलना जारी है!

जाने कितनी बार ये टूटा, जाने कितनी बार लुटा,
फिर भी सीने में इस पागल दिल का मचलना जारी है|

राजेश रेड्डी