प्यार तुझ पर आ गया है!

शिकायत तेरी दिल से करते करते,
अचानक प्यार तुझ पर आ गया है|

फ़िराक़ गोरखपुरी

मुझे उसने क्या लिखा होगा!

वही न मिलने का ग़म और वही गिला होगा,
मैं जानता हूँ मुझे उसने क्या लिखा होगा|

शीन काफ़ निज़ाम

जो गुज़री हमें है याद सब!

तल्ख़ियाँ कैसे न हों अशआ’र में,
हम पे जो गुज़री हमें है याद सब|

जावेद अख़्तर

उस अदा की शिकायत कहाँ कहाँ!

बेगानगी पर उसकी ज़माने से एहतिराज़,
दर-पर्दा उस अदा की शिकायत कहाँ कहाँ|

फ़िराक़ गोरखपुरी

कहीं उल्फ़त में जुदा होते हैं!

यूँ तो आपस में बिगड़ते हैं ख़फ़ा होते हैं,
मिलने वाले कहीं उल्फ़त में जुदा होते हैं|

मजरूह सुल्तानपुरी

जो अक्सर हमें याद आए हैं!

हाँ उन्हीं लोगों से दुनिया में शिकायत है हमें,
हाँ वही लोग जो अक्सर हमें याद आए हैं|

राही मासूम रज़ा

वो नए गिले वो शिकायतें!

वो नए गिले वो शिकायतें वो मज़े मज़े की हिकायतें,
वो हर एक बात पे रूठना तुम्हें याद हो कि न याद हो|

मोमिन खाँ मोमिन

गिला न करेंगे किसी से हम!

लो आज हमने तोड़ दिया रिश्ता-ए-उमीद,
लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम|

साहिर लुधियानवी

उनसे मैं शिकायात न लिखने पाऊँ!

शुक्र ही शुक्र लिखे जाऊँ मैं उनके हक़ में,
कभी उनसे मैं शिकायात न लिखने पाऊँ|

राजेश रेड्डी