केवल कीं नंगी अठखेलियाँ हवा ने!

एक बार फिर से मैं अपने एक प्रिय कवि-नवगीतकार रहे स्व. रमेश रंजक जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ।हूँ। यह गीत रंजक जी के 1969 में प्रकाशित हुए नवगीत संकलन ‘हरापन नहीं टूटेगा’ से लिया गया है। आजकल दुनिया में जो कोरोना की महामारी फैली है, हजारों लोग इस भयावह रोग की भेंट … Read more

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