प्यार की फ़स्ल उगाएगी ज़मीं!

इक बिरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है।
आंधी नफ़रत की चलेगी न कहीं अब के बरस
प्यार की फ़स्ल उगाएगी ज़मीं अब के बरस|

साबिर दत्त