इश्क़ ने जब जब रक़्स किया है!

काँप उठे हैं शाहों के दिल, महलों की बुनियाद हिली,
इश्क़ ने जब जब रक़्स किया है शाहों के दरबारों में।

नक़्श लायलपुरी

भँवर बांध लिये पाँवों में!

रक़्स करने का मिला हुक्म जो दरियाओं में,
हमने ख़ुश होके भँवर बांध लिये पाँवों में|

क़तील शिफ़ाई