ज़िंदगी का अरमान कर लिया है!

अक्सर हुआ है मरने की माँग कर दुआएँ,
फिर हमने ज़िंदगी का अरमान कर लिया है|

राजेश रेड्डी

लौटने का सामान कर लिया है!

दुनिया में आँखें खोली हैं मूँदने की ख़ातिर,
आते ही लौटने का सामान कर लिया है|

राजेश रेड्डी

कोई सुबह को कोई जाये शाम!

रुके नहीं कोई यहाँ नामी हो कि अनाम,
कोई जाये सुबह् को कोई जाये शाम|

गोपाल दास नीरज

व्यक्ति वहाँ खुद जाए!

जहाँ मरण जिसका लिखा वो बानक बन आए,
मृत्यु नहीं जाये कहीं, व्यक्ति वहाँ खुद जाए|

गोपाल दास नीरज

आये तारीख़े-इश्क़ में सौ बार!

आये तारीख़े-इश्क़ में सौ बार
मौत के दौरे-दरम्यानी भी।

फ़िराक़ गोरखपुरी

सोग होता है त्योहार सा!

बात क्या है कि मशहूर लोगों के घर,
मौत का सोग होता है त्योहार सा|

बशीर बद्र

इक कली खिल गई एक मुरझा गई!

मौत और ज़िन्दगी क्या हैं इसके सिवा,
इक कली खिल गई एक मुरझा गई।

नक़्श लायलपुरी

कोई शख़्स मर गया यारो!

वो कौन था वो कहाँ का था क्या हुआ था उसे,
सुना है आज कोई शख़्स मर गया यारो|

शहरयार