तुझमें कितनी गहराई है!

देख रहे हैं सब हैरत से नीले-नीले पानी को,
पूछे कौन समन्दर से तुझमें कितनी गहराई है|

क़तील शिफ़ाई

गहराई का अंदाज़ा न करने देगा!

कैसा दरिया है कि प्यासा तो न मरने देगा,
अपनी गहराई का अंदाज़ा न करने देगा|

वसीम बरेलवी

प्यास की शिद्दत का अंदाज़ा नहीं!

वो समझता था उसे पाकर ही मैं रह जाऊँगा,
उसको मेरी प्यास की शिद्दत का अंदाज़ा नहीं|

वसीम बरेलवी