सार्वजनिक ज़िंदगी!

आज मैं स्वर्गीय सुदामा प्रसाद पांडे जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ, जिनको कविता की दुनिया में ‘धूमिल’ नाम से जाना जाता था| धूमिल जी के पास चीजों और घटनाओं को देखने का अलग ही नजरिया था, एक अलग मुहावरा था, जिसमें वे आम आदमी की स्थितियों का बड़ा सटीक वर्णन करते थे| … Read more

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