ब्लॉगिंग के बहाने!

काफी लंबे समय से ब्लॉगिंग से जुड़ा हूँ, बहुत पहले कविताएं लिखा करता था, वे तो लंबे समय से बंद थीं, फिर नौकरी से भी रिटायर हो गया तो सोचा कि कहां इनवॉल्व हुआ जाए, तब इसके लिए ब्लॉगिंग अच्छी लगी और इस बहाने बहुत से क्रिएटिव लोगों से भी जुड़ने का मौका मिला ‘वर्डप्रेस’ पर भी जहां मैं ब्लॉग लिखता हूँ और ‘इन्डीब्लॉगर’ पर भी जहां मैं नियमित रूप से उनको शेयर करता है|

एक बात का अफसोस है कि ‘इन्डीब्लॉगर’ धीरे-धीरे क्षीण होता जा रहा है, यह देखकर अच्छा नहीं लगता| बहुत कम लोग अब वहां अपनी ब्लॉग-पोस्ट शेयर करते हैं और उन पर प्रतिक्रिया/वोट करने वाले भी अब नहीं हैं|
एक बात तो मुझसे, मेरी ब्लॉगिंग से जुड़ी है, वह मैं कहना चाहता हूँ, क्योंकि मुझे लगता है कि यह ज़रूरी है|

लगभग एक महीने पहले तक, जबकि ‘इन्डीब्लॉगर’ में अपनी पोस्ट शेयर करने वाले लोग ज्यादा थे, तब मेरी ब्लॉग पोस्ट लगभग हर दिन अथवा दूसरे या तीसरे दिन, ‘इंडिवाइन’ में ‘पॉपुलर पोस्ट्स’ के अंतर्गत प्रदर्शित होती है, अब पोस्ट भी कम आ रही हैं, परंतु शायद पोस्ट्स को चुनने वाले सज्जन बदल गए हैं अथवा उनका मन बदल गया है| पिछले लगभग एक माह से, श्रेष्ठ कविताओं अथवा फिल्मी लिरिक्स से संबंधित मेरी एक भी ब्लॉग-पोस्ट यहाँ प्रदर्शित नहीं हुई है|
मुझे लगा कि यह कहना भी आवश्यक है, क्योंकि इस प्रकार के लोग किसी भी संगठन अथवा संस्थान की प्रगति में सहायक नहीं होते, जो कभी किसी की 4-5 पोस्ट एक साथ प्रदर्शित कर देते हैं और किसी को पूरी तरह ब्लैक-आउट कर देते हैं|

आज यह कहने का मन हुआ, सो कह दिया, क्योंकि हमारे देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तो है न!

नमस्कार|
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