बिछुए जितनी दूर कुँआरे पाँव से!

जितनी दूर नयन से सपना,
जितनी दूर अधर से हँसना,
बिछुए जितनी दूर कुँआरे पाँव से,
उतनी दूर पिया तुम मेरे गाँव से!

कुंवर बेचैन