सब पे साक़ी की नज़र हो!

सब की नज़रों में हो साक़ी ये ज़रूरी है मगर,
सब पे साक़ी की नज़र हो ये ज़रूरी तो नहीं|

ख़ामोश ग़ाज़ीपुरी