गिला न करेंगे किसी से हम!

लो आज हमने तोड़ दिया रिश्ता-ए-उमीद,
लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम|

साहिर लुधियानवी

गिला न करेंगे किसी से हम!

लो आज हमने तोड़ दिया रिश्ता-ए-उमीद,
लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम|

साहिर लुधियानवी

जीवन-भर अकुलाए!

ज्ञान ध्यान कुछ काम न आए,
हम तो जीवन-भर अकुलाए ।

पथ निहारते दृग पथराए,
हर आहट पर मन भरमाए ।

बालस्वरूप राही