लो चांद निकल आया!

आज एक गीत फिल्म ‘एक बार मुस्कुरा दो’ से, हमारे प्रिय गायक मुकेश जी और आशा भौंसले जी के मधुर युगल स्वरों में, इसका संगीत तैयार किया है ओ. पी.नैयर जी ने और गीत लिखा था एस एच बिहारी जी ने| आशा जी और मुकेश जी का यह रोमांटिक युगल गीत आज भी हमारे मन में गूंजता रहता है|

लीजिए प्रस्तुत हैं फिल्म- ‘एक बार मुस्कुरा दो’ के लिए आशा जी और मुकेश जी द्वारा गाये गए इस मधुर गीत के बोल :


चेहरे से ज़रा आंचल
जब आपने सरकाया,
दुनिया ये पुकार उठी,
लो चांद निकल आया|

माना के वो हीरा हो,
मुश्किल से जो हाथ आये,
इतना भी ना तड़पाओ,
के जान निकल जाये|

छोड़ो जी ना ये झगड़े,
एक बार मुस्कुरा दो,
तकदीर है क्या अपनी,
मैंने जो तुम्हें पाया|


वैसे तो मुझे तुम पर
पूरा ही भरोसा है,
कैसे वो भुला दूं मैं
जो आँखों ने देखा है|

छेड़ोगे, दिल तोड़ोगे,
एक बार मुस्कुरा दो
इतनी सी शिकायत पर,
कितना मुझे तड़पाया|

दुनिया ये पुकार उठी,
लो चांद निकल आया|


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|
******

चेहरे से पर्दा हटा दें!

क़यामत के दीवाने कहते हैं हमसे,
चलो उनके चेहरे से पर्दा हटा दें|

सुदर्शन फ़ाकिर

ज़ख़्म अगर महकाओ तो क्या!

कोई रंग तो दो मेरे चेहरे को,
फिर ज़ख़्म अगर महकाओ तो क्या|

ओबेदुल्लाह अलीम

कोई तेरे जैसा न था!

मैं तेरी सूरत लिए सारे ज़माने में फिरा,
सारी दुनिया में मगर, कोई तेरे जैसा न था|

अदीम हाशमी

दिल से उतर क्यूँ नहीं जाता !

वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में,
जो दूर है वो दिल से उतर क्यूँ नहीं जाता|

निदा फ़ाज़ली