सूरज रोज़ निकलता है!

आज फिर से एक बार मैं हिन्दी कवि सम्मेलनों में किसी समय गूंजने वाले एक अलग प्रकार के स्वर- स्वर्गीय शिशुपाल सिंह ‘निर्धन’ जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| ‘निर्धन’ जी की कवि सम्मेलनों में उपस्थिति एक चमत्कारी प्रभाव डालती थी| लीजिए प्रस्तुत है स्वर्गीय शिशुपाल सिंह ‘निर्धन’ जी का यह गीत- रात-रात … Read more

मेरी आत्मा की ये आवाज़ है!

हिन्दी फिल्मों के प्रमुख गीतकार और श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय- पंडित भरत व्यास जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| भरत व्यास जी का गीत लेखन का अपना अलग अंदाज़ था और एक बात यह कि उनकी रचनाओं में उनकी अटूट आस्था दिखाई देती है| इत्तफाक से एक बात याद आ रही है कि … Read more

दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी!

आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| चलिए पुराने पन्ने पलटते हुए, एक क़दम और आगे बढ़ते हैं।आज फिर से जीवन का एक पुराना पृष्ठ, कुछ पुरानी यादें, एक पुराना ब्लॉग! जयपुर पहुंच गए लेकिन काफी कुछ पीछे छूट गया। मेरी मां, … Read more

टूटी आवाज़ तो नहीं हूँ मैं!

आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| निदा फाज़ली साहब की एक गज़ल है- तन्हा तन्हा दुख झेलेंगे महफ़िल महफ़िल गाएँगेजब तक आँसू पास रहेंगे तब तक गीत सुनाएँगे। यह गज़ल पहले भी शायद मैंने शेयर की है, आज इस गज़ल का … Read more

The Great Cosmos Store!

This is the age of online marketing. We choose things from the catalogues available online and various offers keep those who are into shopping on their toes! I as one, never place any orders but we receive parcels regularly, these are not in my name, since don’t place orders but I am the one, who … Read more

एक नहीं मिलता जो प्यार से पुकारे!

हिन्दी काव्य मंचों के एक श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का एक साहित्यिक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| अवस्थी जी का यह गीत बहुत लोकप्रिय रहा है और जीवन, उसके एकाकीपन के बारे में कुछ बहुत सुंदर अभिव्यक्तियाँ इस गीत में हैं| लीजिए प्रस्तुत है यह प्यारा सा गीत- भीड़ में भी रहता … Read more

शाश्वतता की कगार – रवीन्द्रनाथ ठाकुर

आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य … Read more

पुष्प – रवीन्द्रनाथ ठाकुर

आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य … Read more

एक जाला-सा समय की आँख में उतरा!

आज हिन्दी नवगीत के एक सशक्त हस्ताक्षर- श्री राजेन्द्र गौतम का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| इस नवगीत में सामान्य जन के लिए संघर्ष और आशावाद का संदेश दिया गया है| यह विश्वास व्यक्त किया गया है की परिस्थितियाँ कितनी ही विकट क्यों न हो, हम लोग मिलकर उनका सामना कर सकते हैं| इस … Read more

मौसम नहीं, मन चाहिए !

एक बार फिर से आज हिन्दी काव्य मंचों पर गीत परंपरा के एक लोकप्रिय स्वर रहे, स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ| इस गीत में यही संदेश दिया गया है कि अगर हमारे हौसले बुलंद हों, अगर हमारे मन में पक्का संकल्प हो तो हम कुछ भी कर सकते हैं, … Read more

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