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मुझे भी तो मोहब्बत दी है!

लीजिए एक बार फिर मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और अमर गीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत है 1968 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘दीवाना’ से, गीत को लिखा है- हसरत जयपुरी जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया है- शंकर जयकिशन की संगीतमय जोड़ी ने|

सीधे-सादे, सरल हृदय लेकिन प्रेम से भरपूर देहाती व्यक्ति के मनोभावों को इस गीत में बहुत खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है|

लीजिए प्रस्तुत है यह मधुर गीत-

ऐ सनम जिसने तुझे चाँद सी सूरत दी है;
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है|


फूल उठा ले तो कलाई में लचक आ जाए,
तुझ हसीना को खुदा ने वो नज़ाकत दी है|
मैं जिसे प्यार से छू लूं वही हो जाए मेरा,
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है|


मैं गुज़रता ही गया तेरी हसीं राहों से
एक तेरे नाम ने क्या क्या
मुझे हिम्मत दी है|
मेरे दिल को भी ज़रा देख कहाँ तक हूँ मैं
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है|


तू अगर चाहे तो दुनिया को नचा दे ज़ालिम
चाल दी है तुझे मालिक ने क़यामत दी है|
मैं अगर चाहूं तो पत्थर को बना दूं पानी,
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है|

ऐ सनम जिसने तुझे चाँद सी सूरत दी है,
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है|


आज के लिए इतना ही,

नमस्कार|

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