जिन्हें नाम भी अपना नहीं आता!

भूले थे उन्हीं के लिए दुनिया को कभी हम,
अब याद जिन्हें नाम भी अपना नहीं आता|

आनंद नारायण मुल्ला

आज ये किस बात पे रोना आया!

हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको,
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया|

साहिर लुधियानवी

हर चेहरा तुम जैसा लगता है!

कहीं-कहीं से हर चेहरा तुम जैसा लगता है,
तुमको भूल न पायेंगे हम, ऐसा लगता है|

निदा फ़ाज़ली

हमें हाँ याद रहेगा!

हम भूल सकें हैं न तुझे भूल सकेंगे,
तू याद रहेगा हमें हाँ याद रहेगा|

इब्ने इंशा

तेरे बाद कुछ भी नहीं है कम!

किसी आँख में नहीं अश्के-ग़म, तेरे बाद कुछ भी नहीं है कम,
तुझे ज़िन्दगी ने भुला दिया, तू भी मुस्कुरा उसे भूल जा।

अमजद इस्लाम

उसने सताया भी नहीं!

बेरुख़ी इससे बड़ी और भला क्या होगी,
एक मुद्दत से हमें उसने सताया भी नहीं|

क़तील शिफ़ाई

बात हुई है उसे भुलाने में!

वह शक्ल पिघली तो हर शय में ढल गयी जैसे,
अजीब बात हुई है उसे भुलाने में|

जावेद अख़्तर

हमें याद न आए खुद भी!

कितने ग़म थे कि ज़माने से छुपा रक्खे थे,
इस तरह से कि हमें याद न आए खुद भी|

अहमद फ़राज़

मैं भी उसे भूल-सा गया!

उसने भी छोड़ दी मेरे बारे में गुफ्तगू,
कुछ दिन के बाद मैं भी उसे भूल-सा गया|

वसीम बरेलवी