पालिश करें वे भविष्य के फूल!

जिनको जाना था यहाँ पढ़ने को स्कूल,
जूतों पर पालिश करें वे भविष्य के फूल|

गोपाल दास नीरज

आने वाले दिनों में क्या होगा!

आस होगी न आसरा होगा,
आने वाले दिनों में क्या होगा|

बशीर बद्र