दुनिया से कोई ले कर नहीं जाता!

बुरे अच्छे हों जैसे भी हों सब रिश्ते यहीं के हैं,
किसी को साथ दुनिया से कोई ले कर नहीं जाता|

वसीम बरेलवी

न अच्छा हुआ बुरा न हुआ!

दर्द मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ,
मैं न अच्छा हुआ बुरा न हुआ|

मिर्ज़ा ग़ालिब