जगमग जगमग!

राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत कविताएं लिखने वाले, कविता की प्राचीन परंपरा के कवि स्वर्गीय सोहन लाल द्विवेदी जी की एक कविता आज शेयर कर रहा हूँ| मुझे याद है कि जब मैं छोटी कक्षाओं का ही विद्यार्थी था तब मैंने द्विवेदी जी की कुछ कविताएं पाठ्यक्रम में पढ़ी थीं | गांधी जी को लेकर लिखी … Read more

जब मुझे भय सताता है!

आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर करने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक पुरानी पोस्टआज से भी मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा … Read more

मैं दीन हो जाता हूँ!

आज मैं हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार, तारसप्तक के कवि और बातचीत के लहजे में श्रेष्ठ रचनाएं देने के लिए विख्यात, साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से विभूषित स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| इस रचना में भवानी दादा ने कुछ ऐसे मनोभाव व्यक्त किए हैं कि कई बार … Read more

अपने बस में आज न हूँ मैं!

हिन्दी काव्य मंचों के एक अद्वितीय गीतकार जिनकी उपस्थिति से मंच को गरिमा और ऊंचाई मिलती थी, ऐसे स्वर्गीय भारत भूषण जी का एक और गीत आज शेयर कर रहा हूँ| भारत भूषण जी के अनेक गीत मैंने पहले भी शेयर किए हैं, आज प्रस्तुत है यह गीत| रचना अपना परिचय स्वयं देती है, लीजिए … Read more

भारत माता ग्रामवासिनी!

छायावाद युग के एक स्तंभ, स्वर्गीय सुमित्रानंदन पंत जी की एक कविता आज शेयर कर रहा हूँ| इस कविता को देखकर यह भी आभास होता है कि अब तक कविता कितनी बदल गया है| इस कविता में पंत जी ने उस समय की भारत माता की दयनीय स्थिति का मार्मिक चित्रण किया है| लीजिए प्रस्तुत … Read more

खामोशी पहचाने कौन!

एक बार फिर से आज मैं अपने अत्यंत प्रिय शायरों में से एक, स्वर्गीय निदा फ़ाज़ली साहब का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे जगजीत सिंह-चित्रा सिंह की सुरीली जोड़ी ने बहुत खूबसूरत अंदाज में गाया है| निदा फ़ाज़ली साहब ने कुछ बेमिसाल गीत, ग़ज़लें और दोहे लिखे हैं और यह भी उनमें … Read more

तुम हो जाओ अविचल!

आज मैं पुनः अपनी एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ| आज मैं विख्यात कवि, नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई एक कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने … Read more

सुख से डर!

हिन्दी कविता के प्रमुख हस्ताक्षर स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक रचना आज शेयर कर रहा हूँ| भवानी दादा का कविता लेखन का अपना अलग ही अंदाज़ था, अक्सर वे बातचीत के लहज़े में कविता लिखते थे| भारतीय ज्ञानपीठ सहित अनेक साहित्यिक और राष्ट्रीय पुरस्कारों से विभूषित भवानी दादा हिन्दी साहित्य की अमूल्य धरोहर … Read more

आज रात मैं लिख सकता हूँ!

आज भी मैं विख्यात कवि नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की जो मूलतः चिले से थे, की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई कविता, के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित मूल कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज … Read more

वह चलती है, सुंदरता बिखेरते हुए!

आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- पिछले कुछ दिनों में मैंने लॉर्ड बॉयरन की कुछ कविताओं का भावानुवाद प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। कविता में एक खूबसूरती यह भी होती है कि हर कोई उसे अपनी तरह से समझ सकता है। आज फिर से … Read more

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