कहीं मेहरबां बेहिसाब है!

कहीं खो दिया कहीं पा लिया, कहीं रो लिया कहीं गा लिया,
कहीं छीन लेती है हर ख़ुशी, कहीं मेहरबां बेहिसाब है|

राजेश रेड्डी

फिर भी मुस्कुराती है!

हमें ऐ ज़िन्दगी तुझ पर हमेशा रश्क आता है,
मसायल से घिरी रहती है फिर भी मुस्कुराती है|

मुनव्वर राना

बाज़ारों की हलचल भेजो न!

बस्ती बस्ती दहशत किसने बो दी है,
गलियों बाज़ारों की हलचल भेजो न|

राहत इन्दौरी

लौटे हैं हर इक दुकाँ से हम!

ग़म बिक रहे थे मेले में ख़ुशियों के नाम पर,
मायूस होक लौटे हैं हर इक दुकाँ से हम|

राजेश रेड्डी

हर रंग ज़माने वाला!

अब खुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला,
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला|

निदा फ़ाज़ली

मौत का मंतर न फेंक!

हो सके तो चल किसी की आरजू के साथ-साथ,
मुस्कराती ज़िंदगी पर मौत का मंतर न फेंक|

कुंवर बेचैन

तू सोया न था!

आज मिलने की ख़ुशी में सिर्फ़ मैं जागा नहीं,
तेरी आँखों से भी लगता है कि तू सोया न था|

अदीम हाशमी