दिल के धड़कने का गिला करता है!

मैं तो बैठा हूँ दबाये हुये तूफ़ानों को,
तू मेरे दिल के धड़कने का गिला करता है|

क़तील शिफ़ाई

दिल की धड़कन को भी!

सिर्फ़ आँखों से ही दुनिया नहीं देखी जाती,
दिल की धड़कन को भी बीनाई बनाकर देखो |

निदा फ़ाज़ली

चूड़ियाँ, मौसीकियाँ, शहनाइयाँ!

मेरे दिल की धड़कनों में ढल गई,
चूड़ियाँ, मौसीकियाँ, शहनाइयाँ|

कैफ़ भोपाली

दिल को दिल बनाने में!

हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं,
उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में|

बशीर बद्र