साये में धूप लगती है

यहाँ दरख्तों के साये में धूप लगती है,
चलो यहाँ से चलें और उम्र भर के लिए|

दुष्यंत कुमार

जब सर पे न साया होगा!

पेड़ के काटने वालों को ये मालूम तो था,
जिस्म जल जाएंगे जब सर पे न साया होगा|

कैफ़ी आज़मी