ऐसा कभी होगा नहीं!

स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी अपने समय में हिन्दी काव्य मंच के एक प्रमुख हस्ताक्षर थे, जिन लोगों को गीत पढ़ने और सुनने का शौक है उनको हमेशा अवस्थी जी के नए गीत सुनने की भी लालसा रहती थी| अवस्थी जी के अनेक गीत मुझे प्रिय रहे हैं और मैंने शेयर भी किए हैं, जैसे एक … Read more

जाने कौन आस-पास होता है!

गुलज़ार साहब अपनी शायरी में और फिल्मी गीतों में भी एक्सपेरीमेंट करने के लिए जाने जाते हैं| एक अलग तरह का चमत्कार अक्सर उनकी शायरी और गीतों में देखा जाता है| लीजिए आज प्रस्तुत है गुलज़ार साहब का यह गीत – जब भी यह दिल उदास होता है,जाने कौन आस-पास होता है| होंठ चुपचाप बोलते … Read more

जाने क्या हो गया सवेरों को!

आज फिर से मैं अपने एक अत्यंत प्रिय कवि स्वर्गीय रमेश रंजक जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| जीवन में बहुत तरह की परिस्थितियों, बहुत सी परीक्षाओं से गुज़रना पड़ता है, आज तो पूरी मानव-जाति को कोरोना की परीक्षा देनी पड़ी है और हमारे देश पर यह संकट इस समय कुछ अधिक ही … Read more

कच्चे रंगों से तसवीर बना डाली!

स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी के हिन्दी कविता के एक प्रमुख हस्ताक्षर रहे हैं| वे बच्चों की पत्रिका पराग के संपादक भी रहे थे और अपने साहित्य सृजन के लिए अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किए गए| आज मैं नंदन जी की यह रचना शेयर कर रहा हूँ- रेशमी कंगूरों परनर्म धूप सोयी।मौसम नेनस-नस मेंनागफनी बोयी!दोषों के … Read more

ओ प्रवासी जल!

डॉ कुँवर बेचैन मेरे गुरुजनों में रहे हैं| मैं उस कालेज में विज्ञान के विद्यार्थी के रूप में कुछ समय गया जिसमें वे हिन्दी साहित्य पढ़ाते थे| खैर उनसे परिचय तो बाद में कवि गोष्ठियों के माध्यम से हुआ और बाद में कुछ बार मैंने एक आयोजक की भूमिका निभाते हुए भी उनको कवि के … Read more

भरकर आग अंक में मुझको सारी रात जागना होगा!

स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी एक ऐसे गीतकार थे जो हमेशा कुछ अलग किस्म के गीत लिखते थे| उनकी कुछ गीत पंक्तियाँ जो अक्सर याद आती हैं, उनमें हैं- ‘ज़िंदगी और बता तेरा इरादा क्या है’, ‘एक भी आँसू न कर बेकार, जाने कब समंदर मांगने आ जाए’, ‘इस सदन में मैं अकेला ही दिया हूँ, … Read more

तब पता यह चला, मूलधन खो गया!

आज एक बार फिर से आज मैं हिन्दी काव्य मंचों के एक प्रसिद्ध हस्ताक्षर, स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| स्वर्गीय त्यागी जी जुझारूपन की कविता के लिए जाने जाते थे और एक अलग तरह की छाप उनकी कविताओं की पड़ती थी| लीजिए प्रस्तुत है यह सुंदर गीत कविता – … Read more

मौत जब आएगी कपड़े लिए धोबन की तरह!

आज स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी ने फिल्मों में बहुत से गीत लिखे, वे काव्य मंचों पर किसी समय बहुत लोकप्रिय थे और उनको ‘गीतों का राजकुमार’ कहा जाता था| लीजिए आज प्रस्तुत है उनकी एक हिन्दी ग़ज़ल, जिसे वे गीतिका कहते थे- जब चले जाएंगे … Read more

एक नहीं मिलता जो प्यार से पुकारे!

हिन्दी काव्य मंचों के एक श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का एक साहित्यिक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| अवस्थी जी का यह गीत बहुत लोकप्रिय रहा है और जीवन, उसके एकाकीपन के बारे में कुछ बहुत सुंदर अभिव्यक्तियाँ इस गीत में हैं| लीजिए प्रस्तुत है यह प्यारा सा गीत- भीड़ में भी रहता … Read more

मनवा तो सावन -सावन रहा!

आज श्रेष्ठ कवि श्री सोम ठाकुर जी का एक साहित्यिक गीत शेयर कर रहा हूँ| इस गीत में महीनों के माध्यम से मौसम और मौसम के बहाने जीवन के विभिन्न पड़ावों का वर्णन बड़ी खूबसूरती से किया गया है| लीजिए प्रस्तुत है यह प्यारा सा गीत- देह हुई फागुन तो क्या हुआरे मितवामनवा तो सावन … Read more

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