मतवाली नार!

एक बार फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक और बहुत प्यारा गीत शेयर कर रहा हूँ जो राग मारू बिहाग पर आधारित है | फिल्म ‘एक फूल चार कांटे’ के लिए शैलेन्द्र जी के लिखे इस गीत को शंकर जयकिशन की सुरीली जोड़ी के संगीत निर्देशन में मुकेश जी ने … Read more

रहम जब अपने पे आता है तो हंस लेता हूँ।

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ|     मुकेश जी का गाया एक प्रायवेट गाना याद आ रहा है- मेरे महबूब, मेरे दोस्त, नहीं ये भी नहीं मेरी बेबाक तबीयत का तकाज़ा है कुछ और।   हाँ मैं दीवाना हूँ चाहूँ तो मचल सकता हूँ, खिलवत-ए-हुस्न के कानून बदल सकता … Read more

नींद कहाँ सीने पे कोई, भारी कदमों से चलता है!

आज फिर से अपने परम प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक अलग तरह का गीत शेयर कर रहा हूँ। सुकवि शैलेंद्र जी के लिखे इस गीत को मुकेश जी ने शंकर जयकिशन की प्रसिद्ध जोड़ी के संगीत निर्देशन में फिल्म- बेगुनाह के लिए गाया था और इसे राजेश खन्ना जी पर फिल्माया गया था। … Read more

%d bloggers like this: