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Living with a purpose!

There is so much life happening around us, not only humans but animals, insects, plants. In a way every living being has a purpose in life. Only thing is that all other species have a purpose defined by nature. Humans are the thinking, dreaming and planning creatures. They can dream and define their goals according to their own thinking and move in any direction, which might be considered right or wrong by others.



When I see the ants moving in long and perfect lines, which sometimes appear endless. As we know they gather the food material for their survival in testing times. Can we imagine humans working with so much discipline? We also see the bees, collecting honey and making big structures for storing honey in them. But we humans depend on the labour of such creatures for our benefit, be those honey bees or silk worms and many more like cows etc, who provide us milk, which is primarily meant for their own calves etc.

So, we humans are the most privileged creatures on earth, mostly benefitted by the work and products created by other animals and plants etc. We need to dream big for our world and we can consider the well-being of all others on earth. The creatures I fancy very much are the dogs, though they might not be providing us anything except may be security, but the amount of love they have for their masters can’t be found in human beings mostly.

Anyway, today I am here to discuss about humans. Let’s think regarding how we are living our lives, whether we are busy in living our life or in dying! If we have some purpose in our life, if we are enjoying every moment in our life that makes us live in a better way. We all have to face good and bad situations in life. If one keeps hopes alive, and enjoys every moment with positive thoughts and hope, the life becomes a nice journey. While some keep cursing their bad luck, as per their thinking, they can’t enjoy this journey called life.

So, the main thing that matters is that we can always have ambitions but more important is that we should have positive thoughts, proper planning and an attitude of enjoying every moment of life. There are people who always focus on what they don’t have, on their shortcomings. They are always dying, not actually living. We must therefore always keep hope, focus on what we have and keep planning for a better future, while enjoying every moment of life.

This is my humble submission based on #IndiSpire prompt- Some people are busy living while others are busy dying. What would you like to tell either or both of these categories? #LiveFully


Thanks for reading.



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ट्वेंटी-ट्वेंटी (2020) की शुरूआत!

लो जी नया साल शुरू हो गया। ऐसे मौकों के लिए लोग अपनी पोस्ट तैयार रखते हैं, जिससे घड़ी का कांटा सही जगह पहुंचते ही तुरंत ‘चेप’ दें। लेकिन मैं थोड़ा सुस्त बंदा हूँ।

 

 

वैसे इस साल का शीर्षक भी जोरदार है ‘ट्वेंटी-ट्वेंटी’, जैसे 20-20 का क्रिकेट मैच रोमांचक और उत्साह से भरा होता है, वैसे ही यह वर्ष भी रोमांच और उत्साह से भरा रहे, और सबसे जरूरी है कि यह प्यार से भरा रहे, यह मेरी दुआ है।

इस वर्ष के साथ ही नया दशक भी शुरू हो रहा है। इसके साथ ही मुझे अपने जन्म का वर्ष भी याद आता है 1950, तब भी नया दशक प्रारंभ हुआ था। सात दशक इस धरती पर बिता दिए, बहुत ज्यादा लोगों को नहीं मिलता इतने समय इस ग्रह पर मनुष्य के रूप में जीवन जीने का अवसर!

इसके साथ ही पिछले वर्ष का एक अलग अनुभव याद आ रहा है। जी हाँ मैंने कम से कम तीन मित्रों से उनके जन्म-दिन के अवसर पर मित्रता तोड़ ली! वैसे ये अच्छी बात नहीं है ना! लेकिन ये अनुभव भी शायद इस उम्र में और आज के आधुनिक समय में ही ज्यादा होता है!

जैसा मैंने कहा मेरे मित्र और सहकर्मी, जो ‘फेसबुक’ पर भी मेरे मित्र समूह में शामिल थे, उनके जन्मदिन का नोटिफिकेशन फेसबुक पर आया, अब जबकि हम रिटायर होने के बाद काफी दूर-दूर अलग शहरों में रहते थे। मुझे यह जानकारी तो मिल चुकी थी कि मेरे वे मित्र अब परलोक सिधार चुके हैं, लेकिन फेसबुक पर उनकी प्रोफाइल अभी भी बनी हुई थी, शायद उनको पता होता कि अब जाने वाले हैं तो वे खुद ही इसे समाप्त कर देते, लेकिन ऐसा तो होता नहीं ना!

हाँ तो मेरे पास एक विकल्प तो यह था कि ऐसे अपने मित्रों को जन्म दिन की बधाई दूं, लेकिन इस बात की संभावना तो नहीं है न कि जहाँ वे अब है, वहाँ फेसबुक भी होगा! खैर मुझे बेहतर विकल्प यही लगा कि मैं उनको अपने मित्रों की सूची से हटा दूं, वरना हर वर्ष जन्मदिन की यह सूचना बिना कारण परेशान करती। यह अनुभव विशेष रूप से पिछले वर्ष ही हुआ क्योंकि मेरी उम्र के लोग ऊपर की फ्लाइट के लिए लाइन में लगे होते हैं ना!

खैर नववर्ष पर यह प्रसंग अचानक याद आ गया। हाँ तो 1950 में जन्म लेने के बाद, मै पूरे उत्साह और जीवंतता के साथ जीवन के आठवें दशक में प्रवेश कर रहा हूँ, जो बिछड़ उनको सादर नमन और नए मित्रों का हार्दिक स्वागत-

आने वाले स्वागत, जाने वाले विदा,
अगले चौराहे पर इंतजार, शुक्रिया!

 

आज के लिए इतना ही, नववर्ष 2020 के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
ईश्वर करे कि यह वर्ष हम सभी के और समूची मानव जाति के लिए सुख-समृद्धि लाने वाला हो।

नमस्कार।

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