तो देखे केवल मन!

न उम्र की सीमा हो,
न जनम का हो बंधन|
जब प्यार करे कोई,
तो देखे केवल मन|
नई रीत चलाकर तुम,
ये रीत अमर कर दो|
होंठों से छूलो तुम …

इंदीवर