झूठी कहानी पे रोये!

आज जो गीत शेयर कर रहा हूँ वह ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर रची गई एक संभवतः काल्पनिक प्रेम कहानी पर आधारित फिल्म ‘मुगल-ए-आज़म’ से है, जो अपने आप में ही एक ऐतिहासिक फिल्म थी| उस समय तक शायद ऐसे भव्य सेट्स और ऐसी स्टार-कास्ट वाली और फिल्में नहीं बनी थीं| इस फिल्म में पृथ्वी राज कपूर … Read more

अब रात गुजरने वाली है!

आज मैं 1951 में रिलीज़ हुई राजकपूर जी की फिल्म- ‘आवारा’ का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे हसरत जयपुरी जी ने लिखा था और शंकर जयकिशन जी की संगीत जगत की प्रसिद्ध जोड़ी के संगीत निर्देशन में लता मंगेशकर जी ने अपने मधुर कंठ से यह गीत गाया था| लीजिए आज प्रस्तुत है … Read more

इन आँखों का हर इक आँसू ,मुझे मेरी क़सम दे दो!

प्रसिद्ध शायर और फिल्मी गीतकार- जनाब मेहंदी अली खान साहब का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| उन्होंने फिल्मों को अनेक सुंदर गीत दिए हैं और 1964 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘आपकी परछाइयाँ’ का यह गीत भी काफी लोकप्रिय हुआ था| मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन में यह गीत लता मंगेशकर जी ने … Read more

दो पल के जीवन से, एक उम्र चुरानी है!

पिछले सप्ताह में ही मेरे प्रिय गायक स्वर्गीय मुकेश जी का जन्मदिन आया था और उसके बाद विख्यात निर्माता, निर्देशक और अभिनेता- मनोज कुमार जी का भी जन्मदिन आया जो अब 83 वर्ष के हो गए हैं| मनोज जी जहां एक बहुत अच्छे अभिनेता रहे वहीं उन्होंने राष्ट्रीयता की भावना से भारी बहुत प्यारी फिल्में … Read more

शरमा न जाएं फूलों के साये!

आज ऐसे ही एक पुरानी फिल्म का गीत याद आ रहा है, यह गीत है 1961 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘नज़राना’ का, जिसके नायक राज कपूर जी थे और नायिका थीं वैजयंती माला जी। इस गीत को लिखा है राजिंदर कृष्ण जी ने और रवि जी के संगीत निर्देशन में इसे गाया है- मेरे प्रिय … Read more

कैसे नादान हैं, शोलों को हवा देते हैं!

आज एक बहुत पुरानी फिल्म और उसका एक गीत याद आ रहे हैं। आज का यह गीत है 1963 में रिलीज़ हुई फिल्म- ताज महल का, साहिर लुधियानवी जी के लिखे इस गीत को सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी ने रोशन जी के संगीत निर्देशन में अनूठे ढंग से गाया है। कुल मिलाकर इतना है … Read more

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