में झूठा हूँ तुम सच्चे हो!

जाओ जीत का जश्न मनाओ,
में झूठा हूँ तुम सच्चे हो|

मोहसिन नक़वी

जब सच बोलें तब झूठे कहलाए!

हम भी कैसे दीवाने हैं किन लोगों में बैठे हैं
जान पे खेलके जब सच बोलें तब झूठे कहलाए।

राही मासूम रज़ा