तन्हा हूँ तो कोई नहीं आने वाला!

तेरे होते हुए आ जाती थी सारी दुनिया,
आज तन्हा हूँ तो कोई नहीं आने वाला|

अहमद फ़राज़

पास से देखोगे अकेला होगा!

एक महफ़िल में कई महफ़िलें होती हैं शरीक,
जिसको भी पास से देखोगे अकेला होगा|

निदा फ़ाज़ली

जीने का हौसला क्यूँ है!

जो दूर दूर नहीं कोई दिल की राहों पर,
तो इस मरीज़ में जीने का हौसला क्यूँ है|

राही मासूम रज़ा

शहर अचानक तनहा लगता है!

और तो सब कुछ ठीक है लेकिन कभी-कभी यूँ ही,
चलता-फिरता शहर अचानक तनहा लगता है|

निदा फ़ाज़ली

आया हुआ दामन छूट गया!

जब दिल को सुकूँ ही रास न हो फिर किससे गिला नाकामी का,
हर बार किसी का हाथों में आया हुआ दामन छूट गया|

शमीम जयपुरी

इक दिल था वो भी टूट गया!

दुनिया-ए-मोहब्बत में हमसे हर अपना पराया छूट गया,
अब क्या है जिस पर नाज़ करें, इक दिल था वो भी टूट गया|

शमीम जयपुरी

और क्या घर लेके आया है!

तेरी महफ़िल से दिल कुछ और तनहा होके लौटा है,
ये लेने क्या गया था और क्या घर लेके आया है|

राजेश रेड्डी

दिल की गली में खेले थे!

हम तो बचपन में भी अकेले थे,
सिर्फ़ दिल की गली में खेले थे|

जावेद अख़्तर

क़ाफ़िला हो जाऊँगा!

मुझको चलने दो अकेला है अभी मेरा सफ़र,
रास्ता रोका गया तो क़ाफ़िला हो जाऊँगा|

वसीम बरेलवी

और जां तन्हा!

ज़िन्दगी क्या इसी को कहते हैं,
जिस्म तन्हा है और जां तन्हा|

मीना कुमारी (महज़बीं बानो)