वफ़ा ढूंढ रहे हैं!

इस अहद के इंसां मे वफ़ा ढूंढ रहे हैं,
हम ज़हर की शीशी मे दवा ढूंढ रहे हैं|

राजेश रेड्डी

सर झुकाओगे तो पत्थर!

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा,
इतना मत चाहो उसे, वो बेवफ़ा हो जाएगा|

बशीर बद्र

पूछने आया है वफ़ा के मानी!

मुझसे तू पूछने आया है वफ़ा के मानी,
ये तेरी सादादिली मार न डाले मुझको|

क़तील शिफ़ाई

लोगों के मिलाने से मिले!

ख़ुद से मिल जाते तो चाहत का भरम रह जाता,
क्या मिले आप जो लोगों के मिलाने से मिले|

कैफ़ भोपाली

हुई वही किताब ग़ुम|

लिखा हुआ था जिस किताब में, कि इश्क़ तो हराम है,
हुई वही किताब ग़ुम, बड़ी हसीन रात थी|

सुदर्शन फाक़िर

हमारा दिल दुखाना चाहिए था!

वफ़ा को आज़माना चाहिए था, हमारा दिल दुखाना चाहिए था,
आना न आना मेरी है मर्ज़ी, मगर तुमको बुलाना चाहिए था|

राहत इन्दौरी

प्यार की फ़स्ल उगाएगी ज़मीं!

इक बिरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है।
आंधी नफ़रत की चलेगी न कहीं अब के बरस
प्यार की फ़स्ल उगाएगी ज़मीं अब के बरस|

साबिर दत्त