याद के चरन पखारते न बीत जाय रात!

लंदन प्रवास इस बार का भी समाप्त होने को है, एक सप्ताहांत और बाकी है इसमें। इस बीच आज मन हो रहा है कि सुकवि श्री सोम ठाकुर जी का एक प्यारा सा गीत शेयर कर लूं। कविता अपनी बात खुद ही कहती है, उसके बारे में मैं अलग से क्या कहूं, बस आप इस … Read more

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