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मैं जहाँ रहूँ जहाँ में, याद रहे तू !

मैं अक्सर पुरानी फिल्मों के गीत याद करता हूँ, क्योंकि मुझे पुराना फिल्मी संगीत, पुराने गायक पसंद हैं, विशेष रूप से मेरे प्रिय गायक मुकेश जी, रफी साहब, किशोर कुमार, मन्ना डे, हेमंत कुमार आदि-आदि, सचिन देव बर्मन जी भी एक गायक के रूप में उनमें शामिल हैं| इसके अलावा मुझे गजल गायक- गुलाम अली साहब, जगजीत सिंह जी और अन्य गायक- अनूप जलोटा, पंकज उधास जी आदि आदि शामिल हैं|


स्वाधीनता दिवस के अवसर पर आज कुछ ही समय पहले की फिल्म- ‘राज़ी’ का एक राष्ट्रभक्ति गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसमें दिखाया गया है नायिका, जो पाकिस्तान में विवाह करके जाती है एक भारतीय जासूस के रूप में काम करने के लिए, और इस गीत को पाकिस्तानी बच्चों के माध्यम से बड़ी खूबसूरती के साथ फिल्माया गया है|


फिल्म- राज़ी के लिए यह गीत सुनिधि चौहान जी ने गाया है और नायिका- आलिया भट्ट और बच्चों पर (जिन्हें पाकिस्तानी बच्चों के रूप में दिखाया गया है) पर फिल्माया गया है| गीत लिखा है- गुलज़ार जी ने और संगीत दिया है- शंकर-एहसान-लॉय की तिकड़ी ने|


लीजिए आज इस सुंदर गीत को याद कराते हैं-



ऐ वतन
मेरे वतन
ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू|
मैं जहाँ रहूँ जहाँ में, याद रहे तू||

तू ही मेरी मंजिल, पहचान तुझी से,
पहुंचू मैं जहां भी, मेरी बुनियाद रहे तू|


ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू,
मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू|

तुझपे कोई गम की आंच आने नहीं दूं,
कुर्बान मेरी जान तुझपे शाद रहे तू |
ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू,
मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू |



आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|


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