अभी हम ज़िंदगी से मिल न पाए!

अभी हम ज़िंदगी से मिल न पाए,
तआ’रुफ़ ग़ाएबाना चल रहा है|

राहत इन्दौरी

न मिलेंगे ये क़सम भी नहीं खाते!

तुमसे नहीं मिलने का इरादा तो है लेकिन,
तुम से न मिलेंगे ये क़सम भी नहीं खाते|

मुनव्वर राना

ख़ुशी से कोई मर भी नहीं जाता!

पागल हुए जाते हो ‘फ़राज़’ उससे मिले क्या,
इतनी सी ख़ुशी से कोई मर भी नहीं जाता|

अहमद फ़राज़

लीजे मुलाक़ात हो गई!

वो आदमी था कितना भला कितना पुर-ख़ुलूस,
उससे भी आज लीजे मुलाक़ात हो गई|

निदा फ़ाज़ली

मिलने लगे हर किसी से हम!

अच्छे बुरे के फ़र्क़ ने बस्ती उजाड़ दी,
मजबूर हो के मिलने लगे हर किसी से हम|

निदा फ़ाज़ली

मिल आए किसी से हम!

कुछ दूर चल के रास्ते सब एक से लगे,
मिलने गए किसी से मिल आए किसी से हम|

निदा फ़ाज़ली

जवाब भी, सवाल में मिला मुझे!

ख़याल जिसका था मुझे, ख़याल में मिला मुझे,
सवाल का जवाब भी, सवाल में मिला मुझे|

मुनीर नियाज़ी

दीवार-ए-तन्हाई भी होती है!

हम उनकी बज़्म तक जा ही पहुँचते हैं किसी सूरत,
अगरचे राह में दीवार-ए-तन्हाई भी होती है|

क़तील शिफ़ाई

तुझसे मिल कर उदास रहता हूँ!

चंद कलियाँ निशात की चुनकर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ,
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझसे मिल कर उदास रहता हूँ|

साहिर लुधियानवी