वो मलाल में मिला मुझे!

गया तो इस तरह गया कि मुद्दतों नहीं मिला,
मिला जो फिर तो यूँ कि वो मलाल में मिला मुझे|

मुनीर नियाज़ी

अपना हाल तिरी बेबसी से हम!

गर ज़िंदगी में मिल गए फिर इत्तिफ़ाक़ से,
पूछेंगे अपना हाल तिरी बेबसी से हम|

साहिर लुधियानवी

यकीं कुछ कम है!

बिछड़े लोगों से मुलाक़ात कभी फिर होगी,
दिल में उम्मीद तो काफी है, यकीं कुछ कम है|

शहरयार