’नक़्श’ ने फिर न आइना देखा!

जाने चेहरे पे क्या नज़र आया,
’नक़्श’ ने फिर न आइना देखा।

नक़्श लायलपुरी

उम्रभर हमने रास्ता देखा!

कौन था इन्तिज़ार किसका था,
उम्रभर हमने रास्ता देखा।

नक़्श लायलपुरी

नींद टूटी तो फिर नहीं आई!

नींद टूटी तो फिर नहीं आई,
क्या बताएँ कि ख़्वाब क्या देखा !

नक़्श लायलपुरी

फूल चट्टान पर खिला देखा!

संगदिल को हमारी याद आई,
फूल चट्टान पर खिला देखा।

नक़्श लायलपुरी

आँसुओं में लहू छुपा देखा!

ज़ख़्मे-दिल आ गया है आँखों तक,
आँसुओं में लहू छुपा देखा।

नक़्श लायलपुरी

शहरे-जाँ में क्या देखा!

एक हंगामा सा बरपा देखा।
क्या कहें शहरे-जाँ में क्या देखा।

नक़्श लायलपुरी

चेहरे पर लिखा था ग़म मेरा!

मेरे चेहरे पर लिखा था ग़म मेरा,
देख कर भी कुछ न देखा आपने।

नक़्श लायलपुरी

आँखों में शायद थी नमी!

आपकी आँखों में शायद थी नमी,
मेरी आँखों में भी झाँका आपने।

नक़्श लायलपुरी

मेरी आँखों पे ही क्यों ये तोहमतें !

मेरी आँखों पे ही क्यों ये तोहमतें,
अपने बारे में भी सोचा आपने।

नक़्श लायलपुरी