विजयी विश्व तिरंगा प्यारा|

हमारी स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अवसर पर मैं अपनी एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ, जो मैंने आज से दो वर्ष पूर्व लंदन में रहते हुए लिखी थी, समय के हिसाब से मैंने इसे थोड़ा अद्यतन कर दिया है| कल हमने अपनी महान स्वाधीनता के 75 वें वर्ष में प्रवेश करते हुए, अमृत … Read more

उधर रास्ता न था!

आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| हमारे एक प्रसिद्ध फिल्मी अभिनेता, निर्माता, निर्देशक हुए हैं, अभी वे सक्रिय नहीं हैं, ईश्वर उनको लंबी उम्र दे, वे हैं- श्री मनोज कुमार। फिल्म निर्माता के रूप में उन्होंने एक विशेष विषय पर फिल्में … Read more

हमारी आस्थाओं का गणतंत्र !

एक बार हम फिर से लोकतंत्र और सामाजिक विकास में अपनी दृढ़ आस्थाओं को अभिव्यक्त करने का पर्व, गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं| एक बार फिर लोकतंत्र विरोधी ताक़तें राजधानी दिल्ली के आसपास सड़कों को घेरकर बैठी हैं, इस बार उन्होंने किसानों को अपना मोहरा बनाया है| पिछले वर्ष तो कोरोना फैलने के कारण … Read more

सुन ले खेतों के राजा, घर की रानी !

आज फिर से मैं हिन्दी काव्य मंचों के एक प्रमुख हस्ताक्षर रहे स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| इस रचना में अवस्थी जी ने यही व्यक्त किया है कि हमारी व्यक्तिगत आस्थाएँ, आकांक्षाएँ और धार्मिक रुझान कुछ भी हों, हमारे लिए सबसे पहले देश का स्थान है| लीजिए प्रस्तुत है … Read more

तरक्की के पैमाने!

आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है और मैं 2018 में हुई एक दुखद घटना की प्रतिक्रियास्वरूप लिखी अपनी एक पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| आज हम वर्ष 2018 में जी रहे हैं, सुना है हिंदुस्तान दुनिया की बड़ी ताक़त बन गया, आर्थिक शक्तिसंपन्न देशों में भारत की गिनती होने लगी है। … Read more

चाहता हूँ देश की धरती, तुझे कुछ और भी दूँ!

हिन्दी काव्य मंचों के एक अत्यंत लोकप्रिय कवि रहे स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी का एक प्रसिद्ध गीत आज शेयर कर रहा हूँ, जिसमें कवि ऐसे भाव व्यक्त करता है कि अपने महान राष्ट्र के लिए सब कुछ समर्पित करने के बाद भी हम उसका ऋण नहीं उतार सकते| लीजिए प्रस्तुत है राष्ट्रप्रेम की भावना से … Read more

और जीने के लिए हैं दिन बहुत सारे!

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट की बारी है – आज सोचा कि ज़िंदगी के बारे में बात करके, ज़िंदगी को उपकृत कर दें।शुरू में डॉ. कुंवर बेचैन जी की पंक्तियां याद आ रही हैं, डॉ. बेचैन मेरे लिए गुरू तुल्य रहे हैं और उनकी गीत पंक्तियां अक्सर याद आ जाती हैं- ज़िंदगी का … Read more

मैं जहाँ रहूँ जहाँ में, याद रहे तू !

मैं अक्सर पुरानी फिल्मों के गीत याद करता हूँ, क्योंकि मुझे पुराना फिल्मी संगीत, पुराने गायक पसंद हैं, विशेष रूप से मेरे प्रिय गायक मुकेश जी, रफी साहब, किशोर कुमार, मन्ना डे, हेमंत कुमार आदि-आदि, सचिन देव बर्मन जी भी एक गायक के रूप में उनमें शामिल हैं| इसके अलावा मुझे गजल गायक- गुलाम अली … Read more

कोरोना काल के फरिश्ते!

आज एक बार फिर से कोरोना संकट और लॉक डाउन की परिस्थितियों के बहाने चर्चा कर रहा हूँ|   ऐसे राष्ट्रीय संकट के समय भी राजनीति और फिल्म जगत, व्यावहारिक रूप से हर क्षेत्र के लोगों का अलग-अलग चरित्र उजागर होता है| हमारी प्रमुख राष्ट्रीय विपक्षी पार्टी और लंबे समय तक सत्तारूढ़ रही पार्टी- कांग्रेस … Read more

A small thing- love for our country!

Talking about small things in life, which hold great importance! What is small or big depends on the thinking of a person and others may consider it small or big based on their thinking or may be values.     We often try to do things in life which are proper as per our principals, … Read more

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