ओ मेरी शर्मीली!

आज हिन्दी के अत्यंत लोकप्रिय गीतकार स्वर्गीय गोपाल दास ‘नीरज’ जी को याद करते हैं उनके एक फिल्मी गीत के माध्यम से| फिल्मों में जैसा आप जानते हैं सिचुएशन के हिसाब से गीत लिखे जाते हैं| यह गीत 1971 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘शर्मीली’ के लिए नीरज जी ने लिखा था और शशि कपूर जी … Read more

जितनी गठरी भारी होगी!

आज हिन्दी मंचों और फिल्मों के लाडले गीतकार स्वर्गीय गोपाल दास ‘नीरज’ जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी के गीतों में अक्सर दर्शन भी शामिल होता है, जैसे इस गीत में भरपूर है| लीजिए आज नीरज जी का यह सुंदर गीत प्रस्तुत है – जितना कम सामान रहेगा,उतना सफ़र आसान रहेगा| … Read more

इंसान कहाँ तक पहुँचे!

हिन्दी काव्य मंचों के अत्यंत लोकप्रिय कवि रहे स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी को ‘गीतों का राजकुंवर’ भी कहा जाता है और हमारी फिल्मों को भी उन्होंने अनेक यादगार गीत दिए हैं| लीजिए आज प्रस्तुत कर रहा हूँ उनका यह गीत- हम तेरी चाह में, … Read more

किसी कबीर की मुट्ठी में वो रतन देखा !

हिन्दी काव्य मंचों की शान रहे स्वर्गीय गोपाल दास ‘नीरज’ जी की एक हिन्दी ग़ज़ल आज प्रस्तुत कर रहा हूँ| कविता अपनी बात स्वयं कहती है और नीरज जी भी किसी परिचय के मोहताज़ नहीं हैं| लीजिए प्रस्तुत है यह ग़ज़ल और नीरज जी के शब्दों में कहें तो ‘गीतिका’- बदन पे जिस के शराफ़त … Read more

मौत जब आएगी कपड़े लिए धोबन की तरह!

आज स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी ने फिल्मों में बहुत से गीत लिखे, वे काव्य मंचों पर किसी समय बहुत लोकप्रिय थे और उनको ‘गीतों का राजकुमार’ कहा जाता था| लीजिए आज प्रस्तुत है उनकी एक हिन्दी ग़ज़ल, जिसे वे गीतिका कहते थे- जब चले जाएंगे … Read more

मेरा ये देश तो रोटी की ही ख़बर में रहा !

एक बार फिर से मैं, हिन्दी काव्य मंचों और फिल्मी दुनिया, दोनों क्षेत्रों में अपनी रचनाधर्मिता की अमिट छाप छोड़ने वाले स्वर्गीय गोपाल दास ‘नीरज’ जी की एक हिन्दी गजल, जिसे वे ‘गीतिका’ कहते थे प्रस्तुत कर रहा हूँ| नीरज जी जहां कवि सम्मेलनों में बहुत लोकप्रिय थे, वहीं उन्होंने हमारी फिल्मों में भी अनेक … Read more

बंसी से बन्दूक बनाते, हम वो प्रेम पुजारी !

कल मैंने बाल स्वरूप राही जी की एक गजल प्रस्तुत की थी, जिसमें ताजमहल का ज़िक्र आया था| तुरंत मुझे स्वर्गीय नीरज जी का एक गीत याद आ गया| यह गीत फिल्म- प्रेम पुजारी के लिए रफी साहब की आवाज़ और सचिन दा के संगीत निर्देशन में बहुत सुंदर ढंग से फिल्माया गया है| अभी … Read more

ऐसा भी तो अंगार नहीं मिलता है – गोपाल दास ‘नीरज’

आज एक बार फिर से मैं हिन्दी के दुलारे गीतकार स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी अपने जमाने में कवि सम्मेलनों का मुख्य आकर्षण हुआ करते थे| हिन्दी फिल्मों में भी नीरज जी ने बहुत प्यारे गीत दिए हैं| लीजिए आज नीरज जी के इस गीत का … Read more

उतरे कभी ना जो खुमार वो, प्यार है!

आज स्व. नीरज जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ। यह एक फिल्मी गीत है, जो उन्होंने फिल्म- प्रेम पुजारी के लिए लिखा था, जिसे एस. डी. बर्मन जी के संगीत निर्देशन में किशोर कुमार जी ने गाया था। इस गीत में नीरज ने प्रेम का एक अनोखा फार्मूला प्रस्तुत किया है। लीजिए प्रस्तुत … Read more

मेरा कुर्ता सिला दुखों ने, बदनामी ने काज निकाले- गोपालदास नीरज

आज स्व. गोपाल दास ‘नीरज’ जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ। नीरज जी को गीतों का राजकुंवर कहा गया है लेकिन इस गीत में उन्होंने खुद को पीड़ा का राजकुंवर कहा है। नीरज जी ने अन्य अनेक लोगों के साथ मिलकर हिंदी के साहित्यिक गीतों को भारतीय फिल्मों में स्थान दिलाया था। स्व. … Read more

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