जिसकी तमन्ना में फिरता हूँ बेक़रार!

आज मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का एक अत्यंत मधुर गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे मुकेश जी और लता जी ने 1974 में रिलीज़ हुई फिल्म – फिर कब मिलोगी के लिए गाया था और इस गीत में प्रत्येक पंक्ति के बाद जो गूंज रह जाती है, वह विशेष प्रभाव छोड़ती है| मजरूह … Read more

बड़ी भूल हुई अरे हमने, ये क्या समझा, ये क्या जाना!

आज मोहम्मद रफी साहब का गाया एक बेहद खूबसूरत गीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत 1967 मे रिलीज़ हुई फिल्म- ‘पत्थर के सनम’ के लिए मजरूह सुल्तानपुरी साहब ने लिखा था और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी के संगीत निर्देशन में रफी साहब ने बेहद खूबसूरती और फीलिंग्स की साथ गाया है|     लीजिए प्रस्तुत … Read more

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